अपडेटUpdate
Welcome to Emitrawala.com! सरकारी सेवाओं और ऑनलाइन फॉर्म की सुविधा के लिए हमसे जुड़ें। किसी अन्य सेवा या फॉर्म के लिए हमसे संपर्क करें। Welcome to Emitrawala.com! Get all government services and online forms in one place. For any additional service or form, please contact us.
फॉर्म भरेंFill Form फॉर्म डाउनलोड करेंDownload Forms सरकारी नौकरी रिक्तिGovt Job प्रवेश पत्रAdmit Card परिणामResult प्राइवेट जॉबPrivate Jobs सरकारी योजनाएंGovt Schemes जीएसटी और आयकरGST & Income Tax सरकारी कर्मचारी फॉर्मGovt Emp. Forms ईमित्र उपयोगी सॉफ्टवेयरEmitra Useful Software ई-मित्र और सरकारी शपथ-पत्रE-mitra & Govt Affidavit ई-स्टाम्प पेपरE-Stamp Paper नए ई-मित्र के लिए आवेदन करेंApply For New Emitra आधार मित्रAadhaar Mitra प्रिंटिंग मित्रPrinting Mitra

सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने से किया इनकार, चुनाव आयोग से माँगा जवाब, 27 अक्टूबर को अगली सुनवाईसुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने से किया इनकार, चुनाव आयोग से माँगा जवाब, 27 अक्टूबर को अगली सुनवाई

राष्ट्रीय खबर • सुप्रीम कोर्ट अपडेट

सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने से किया इनकार, चुनाव आयोग से माँगा जवाब, 27 अक्टूबर को अगली सुनवाई

सुनवाई: 5 अक्टूबर 2026 (सोमवार)अगली सुनवाई: 27 अक्टूबर 2026अपडेट: 19 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर चल रही यह बात सही नहीं है कि अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है। असल खबर यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम तौर पर सस्पेंड करने की माँग ठुकरा दी, लेकिन केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और खुद CEC को नोटिस जारी करके जवाब माँगा है। मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों का है। यहाँ पूरी जानकारी आसान शब्दों में दी गई है।

सस्पेंशन नहींअंतरिम आदेश से कोर्ट का इनकार
नोटिस जारीकेंद्र, चुनाव आयोग और CEC को
14 फैसलेSIR से जुड़े, जिन पर सवाल
27 अक्टूबरअगली सुनवाई

फैक्ट चेक: क्या CEC सस्पेंड हुए?

  • कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड नहीं किया है।
  • वे फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने हुए हैं।
  • कोर्ट ने सस्पेंशन की माँग वाली अंतरिम राहत देने से इनकार किया।
  • कोर्ट ने नोटिस जारी कर चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों से जवाब माँगा।
ऐसी खबरें या वीडियो आगे भेजने से पहले किसी भरोसेमंद समाचार स्रोत या सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश से जाँच कर लें।

मामला एक नज़र में

बिंदुजानकारी
किसके खिलाफ याचिकामुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
कोर्टसुप्रीम कोर्ट, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ
माँगCEC को अंतरिम तौर पर सस्पेंड करना और फैसले लेने से रोकना
कोर्ट का रुखबिना जवाब सुने सस्पेंड करने से इनकार, नोटिस जारी
किन्हें नोटिसकेंद्र सरकार, चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी, उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग तथा DG (IT) सीमा खन्ना
मुद्दाSIR से जुड़े फैसलों में कथित एकतरफा निर्णय
अगली सुनवाई27 अक्टूबर 2026

कोर्ट में क्या हुआ

  1. सोमवार, 5 अक्टूबर को मतदाता सूची के SIR से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान CEC को सस्पेंड करने की माँग उठी।
  2. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने माँग की कि अंतिम फैसले तक CEC को कोई भी फैसला लेने से रोका जाए।
  3. पीठ ने कहा कि वह केवल अखबारी खबरों के आधार पर ऐसा आदेश नहीं दे सकती और पहले चुनाव आयोग का पक्ष सुनना ज़रूरी है।
  4. कोर्ट ने टिप्पणी की कि CEC को सस्पेंड करने पर चुनाव आयोग का कामकाज ठप हो सकता है।
  5. कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया और चुनाव आयोग से बताने को कहा कि SIR के जिन 14 फैसलों पर सवाल हैं, वे किस तरह लिए गए।
  6. पीठ ने यह भी साफ़ किया कि SIR के दौरान इस्तेमाल हो रहे फॉर्म 6 में किए गए बदलाव को सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूरी नहीं दी है।

याचिका में क्या आरोप हैं

  • याचिका पटना के निवासी राकेश कुमार सिंह ने दायर की है।
  • आरोप है कि SIR से जुड़े कई फैसले CEC ने अकेले लिए, जबकि वे दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति से होने चाहिए थे।
  • रिपोर्ट्स के अनुसार कोर्ट ने संकेत दिया है कि जवाब देखने के बाद अगर यह पाया गया कि कुछ फैसले ज़रूरी सहमति के बिना लिए गए, तो वह उन पर पुनर्विचार कर सकता है या उन्हें वापस ले सकता है।
ये अभी आरोप हैं। चुनाव आयोग का विस्तृत जवाब आना बाकी है और कोर्ट ने कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

  • सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस उज्जल भुइयां की मतदाताओं के कथित मताधिकार हनन पर की गई टिप्पणियों के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने CEC के इस्तीफे की माँग की।
  • सुनवाई से एक दिन पहले भारतीय युवा कांग्रेस ने रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक विरोध मार्च निकाला और CEC के इस्तीफे की माँग की।
  • रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं की याचिकाएँ भी सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर को सूचीबद्ध हैं।

गौरतलब है कि CEC को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज को हटाने जैसी ही होती है, यानी इसके लिए संसद में प्रस्ताव लाना पड़ता है। विपक्ष पहले भी महाभियोग के विकल्प की बात कर चुका है।

आगे क्या होगा

  • 27 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई करेगा।
  • केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और CEC अदालत में अपना जवाब और दलीलें रख सकते हैं।
  • जवाब देखने के बाद कोर्ट तय करेगा कि आगे क्या आदेश देना है।

पृष्ठभूमि: कौन हैं ज्ञानेश कुमार

ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के पूर्व IAS अधिकारी हैं। वे मार्च 2024 में चुनाव आयुक्त बने और फरवरी 2025 में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त हुए। वे नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले CEC हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या ज्ञानेश कुमार सस्पेंड हो गए हैं?

नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर को उन्हें अंतरिम तौर पर सस्पेंड करने से इनकार कर दिया और केवल जवाब माँगा है।

कोर्ट ने सस्पेंशन से इनकार क्यों किया?

कोर्ट ने कहा कि वह केवल अखबारी खबरों के आधार पर आदेश नहीं दे सकता, पहले चुनाव आयोग का जवाब ज़रूरी है, और CEC के सस्पेंड होने से आयोग का कामकाज रुक सकता है।

अगली सुनवाई कब है?

27 अक्टूबर 2026 को।

मामला किस बारे में है?

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े 14 फैसलों को लेकर, जिनके बारे में आरोप है कि वे CEC ने अकेले लिए।

CEC को हटाने की प्रक्रिया क्या है?

CEC को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज को हटाने जैसी है, जिसमें संसद की भूमिका होती है।

नोट: यह खबर एएनआई, लाइव लॉ, द वायर, ओपन मैगज़ीन, पत्रिका और अन्य समाचार स्रोतों में 5 से 14 अक्टूबर 2026 के बीच आई जानकारी पर आधारित है और हमारे अपने शब्दों में लिखी गई है। मामला अदालत में विचाराधीन है और तथ्य बदल सकते हैं। ताज़ा और पुष्ट जानकारी के लिए सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश देखें। Emitrawala.com कोई समाचार संस्था या सरकारी वेबसाइट नहीं है।

राष्ट्रीय खबर • सुप्रीम कोर्ट अपडेट

सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने से किया इनकार, चुनाव आयोग से माँगा जवाब, 27 अक्टूबर को अगली सुनवाई

सुनवाई: 5 अक्टूबर 2026 (सोमवार)अगली सुनवाई: 27 अक्टूबर 2026अपडेट: 19 अक्टूबर 2026

सोशल मीडिया पर चल रही यह बात सही नहीं है कि अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है। असल खबर यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम तौर पर सस्पेंड करने की माँग ठुकरा दी, लेकिन केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और खुद CEC को नोटिस जारी करके जवाब माँगा है। मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों का है। यहाँ पूरी जानकारी आसान शब्दों में दी गई है।

सस्पेंशन नहींअंतरिम आदेश से कोर्ट का इनकार
नोटिस जारीकेंद्र, चुनाव आयोग और CEC को
14 फैसलेSIR से जुड़े, जिन पर सवाल
27 अक्टूबरअगली सुनवाई

फैक्ट चेक: क्या CEC सस्पेंड हुए?

  • कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड नहीं किया है।
  • वे फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने हुए हैं।
  • कोर्ट ने सस्पेंशन की माँग वाली अंतरिम राहत देने से इनकार किया।
  • कोर्ट ने नोटिस जारी कर चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों से जवाब माँगा।
ऐसी खबरें या वीडियो आगे भेजने से पहले किसी भरोसेमंद समाचार स्रोत या सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश से जाँच कर लें।

मामला एक नज़र में

बिंदुजानकारी
किसके खिलाफ याचिकामुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
कोर्टसुप्रीम कोर्ट, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ
माँगCEC को अंतरिम तौर पर सस्पेंड करना और फैसले लेने से रोकना
कोर्ट का रुखबिना जवाब सुने सस्पेंड करने से इनकार, नोटिस जारी
किन्हें नोटिसकेंद्र सरकार, चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी, उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग तथा DG (IT) सीमा खन्ना
मुद्दाSIR से जुड़े फैसलों में कथित एकतरफा निर्णय
अगली सुनवाई27 अक्टूबर 2026

कोर्ट में क्या हुआ

  1. सोमवार, 5 अक्टूबर को मतदाता सूची के SIR से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान CEC को सस्पेंड करने की माँग उठी।
  2. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने माँग की कि अंतिम फैसले तक CEC को कोई भी फैसला लेने से रोका जाए।
  3. पीठ ने कहा कि वह केवल अखबारी खबरों के आधार पर ऐसा आदेश नहीं दे सकती और पहले चुनाव आयोग का पक्ष सुनना ज़रूरी है।
  4. कोर्ट ने टिप्पणी की कि CEC को सस्पेंड करने पर चुनाव आयोग का कामकाज ठप हो सकता है।
  5. कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया और चुनाव आयोग से बताने को कहा कि SIR के जिन 14 फैसलों पर सवाल हैं, वे किस तरह लिए गए।
  6. पीठ ने यह भी साफ़ किया कि SIR के दौरान इस्तेमाल हो रहे फॉर्म 6 में किए गए बदलाव को सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूरी नहीं दी है।

याचिका में क्या आरोप हैं

  • याचिका पटना के निवासी राकेश कुमार सिंह ने दायर की है।
  • आरोप है कि SIR से जुड़े कई फैसले CEC ने अकेले लिए, जबकि वे दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति से होने चाहिए थे।
  • रिपोर्ट्स के अनुसार कोर्ट ने संकेत दिया है कि जवाब देखने के बाद अगर यह पाया गया कि कुछ फैसले ज़रूरी सहमति के बिना लिए गए, तो वह उन पर पुनर्विचार कर सकता है या उन्हें वापस ले सकता है।
ये अभी आरोप हैं। चुनाव आयोग का विस्तृत जवाब आना बाकी है और कोर्ट ने कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

  • सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस उज्जल भुइयां की मतदाताओं के कथित मताधिकार हनन पर की गई टिप्पणियों के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने CEC के इस्तीफे की माँग की।
  • सुनवाई से एक दिन पहले भारतीय युवा कांग्रेस ने रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक विरोध मार्च निकाला और CEC के इस्तीफे की माँग की।
  • रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं की याचिकाएँ भी सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर को सूचीबद्ध हैं।

गौरतलब है कि CEC को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज को हटाने जैसी ही होती है, यानी इसके लिए संसद में प्रस्ताव लाना पड़ता है। विपक्ष पहले भी महाभियोग के विकल्प की बात कर चुका है।

आगे क्या होगा

  • 27 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई करेगा।
  • केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और CEC अदालत में अपना जवाब और दलीलें रख सकते हैं।
  • जवाब देखने के बाद कोर्ट तय करेगा कि आगे क्या आदेश देना है।

पृष्ठभूमि: कौन हैं ज्ञानेश कुमार

ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के पूर्व IAS अधिकारी हैं। वे मार्च 2024 में चुनाव आयुक्त बने और फरवरी 2025 में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त हुए। वे नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले CEC हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या ज्ञानेश कुमार सस्पेंड हो गए हैं?

नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर को उन्हें अंतरिम तौर पर सस्पेंड करने से इनकार कर दिया और केवल जवाब माँगा है।

कोर्ट ने सस्पेंशन से इनकार क्यों किया?

कोर्ट ने कहा कि वह केवल अखबारी खबरों के आधार पर आदेश नहीं दे सकता, पहले चुनाव आयोग का जवाब ज़रूरी है, और CEC के सस्पेंड होने से आयोग का कामकाज रुक सकता है।

अगली सुनवाई कब है?

27 अक्टूबर 2026 को।

मामला किस बारे में है?

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े 14 फैसलों को लेकर, जिनके बारे में आरोप है कि वे CEC ने अकेले लिए।

CEC को हटाने की प्रक्रिया क्या है?

CEC को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज को हटाने जैसी है, जिसमें संसद की भूमिका होती है।

नोट: यह खबर एएनआई, लाइव लॉ, द वायर, ओपन मैगज़ीन, पत्रिका और अन्य समाचार स्रोतों में 5 से 14 अक्टूबर 2026 के बीच आई जानकारी पर आधारित है और हमारे अपने शब्दों में लिखी गई है। मामला अदालत में विचाराधीन है और तथ्य बदल सकते हैं। ताज़ा और पुष्ट जानकारी के लिए सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश देखें। Emitrawala.com कोई समाचार संस्था या सरकारी वेबसाइट नहीं है।

← सभी समाचार देखेंBack to all updates

ईमित्र साथी

आम जन सेवा संपर्क

Query Box

Emitrawala.com

मैं आपका स्वागत है

हमसे जुड़ने के लिए क्लिक करेंClick to connect with us

संपर्क के लिए क्लिक करेंClick to Contact

आम जन सेवा संपर्क

हम 24 घंटे में आपसे संपर्क करेंगे

🇮🇳 +91